फरीदाबादः आयुष मंत्री नाइक ने जीवा आयुर्वेद के डॉक्टरों को किया प्रोत्साहित

 

फरीदाबाद। केंद्रीय आयुष मंत्री माननीय श्रीपद येसो नाइक ने जीवा आयुर्वेद का दौरा किया और लॉकडाउन के दौरान जीवा आयुर्वेद की ओर से प्रदान की जाने वाली उपचार सुविधाओं का जायजा लिया।

Faridabad: Ayush Minister Naik encouraged Jeeva Ayurveda doctors

नइक ने जीवा आयुर्वेद में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया और लॉकडाउन के तहत सेवा की एक अटूट श्रृंखला के लिए जीवा डॉक्टरों को प्रोत्साहित किया।

जीवा आयुर्वेद में अपने दौरे के दौरान आयुष मंत्री को डा. प्रताप चौहान के संयुक्त राष्ट्र (यूनाइटेड नेशंस) पुरस्कार विजेता टेलीमेडिसिन मॉडल के आधार पर जीवा आयुर्वेद में किए गए कार्यों से अवगत कराया गया।

आयुष मंत्री ने इस बात का जायजा लिया कि आने वाले समय में भारत के लॉकडाउन से उबरने के बाद किस तरह से आयुर्वेद एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए आयुर्वेद टेलीमेडिसिन की भूमिका को बढ़ाने के रोडमैप पर चर्चा की।

श्रीपद नाइक ने कहा, “जीवा आयुर्वेद एक बड़ी राष्ट्रीय संपत्ति है। आज मुझे जीवा आयुर्वेद द्वारा किए गए काम को देखने का अवसर मिला और मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि वे आयुर्वेद को दुनिया भर में ले जाने के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मैं जीवा को उनके अनुकरणीय काम के लिए बधाई देता हूं और मैं विश्वास दिलाता हूं कि आयुष मंत्रालय सभी आवश्यक समर्थन प्रदान करने के लिए हमेशा उनके साथ रहेगा।”

इस दौरान कोविड – 19 की मौजूदा महामारी के अलावा इस बारे में भी चर्चा की गई कि आने वाले दिनों में जब भारत लॉकडाउन से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा तब आयुर्वेद किस तरह से स्वास्थ्य एवं लोगों की बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस बारे में भी चर्चा की गई कि रोग प्रतिरक्षण क्षमता बढ़ाने में आयुर्वेद की कारगरता की मदद से किस तरह से लोगों को विषाणुओं से लड़ने में सक्षम बनाया जा सकता है और इसमें आयुर्वेद कैसे बडी भूमिका निभा सकता है।

जीवा आयुर्वेद ने लॉकडाउन के दौरान टेलीफोन एवं वीडियो कंसलटेशन के जरिए टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को चिकित्सा संबंधी परामर्श देना जारी रखा था और लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा प्राप्त करने की सुविधाएं प्रदान की।
नाइक ने जीवा डॉक्टरों के समर्पण की प्रशंसा की और उन्हें अपने अनुकरणीय कार्य को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

मंत्री नाइक ने रिवाजपुर में आधुनिक आयुर्वेदिक उपचार केंद्र जीवाग्राम-सेंटर फॉर वेल बीइंग का भी दौरा किया।

नाइक ने समग्र उपचार की बुनियादी संरचना को भी देखा, जिसमें पंचकर्म, योग, नैचुरोपैथी, मेडिटेशन और राग चिकित्सा शामिल हैं।

मंत्री नाक का स्वागत जीवा आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक ऋषिपाल चौहान, जीवा आयुर्वेद के निदेशक डा. प्रताप चौहान और मधुसूदन चौहान के अलावा जीवा आयुर्वेद के अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने किया।

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